FSSAI ने खाद्य मिलावट पर राष्ट्रव्यापी कार्रवाई तेज की, राज्यों से दैनिक रिपोर्ट्स मांगी
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य मिलावट के खिलाफ अपने प्रयासों को तेज कर दिया है। 25 मई 2024 को शुरू की गई इस विस्तृत अभियान के तहत राज्य अधिकारियों से दैनिक रिपोर्टिंग की मांग की गई है ताकि खाद्य सुरक्षा उल्लंघनों पर कड़ी निगरानी रखी जा सके और त्वरित कार्रवाई की जा सके।
मुख्य पहल और कार्यवाही
राष्ट्रव्यापी परीक्षण और नमूना संग्रह
FSSAI के व्यापक दृष्टिकोण में दूध, डेयरी उत्पादों और मसालों जैसी प्रमुख वस्तुओं का बड़े पैमाने पर परीक्षण शामिल है। इन वस्तुओं का चयन उनके भारतीय आहार में व्यापक उपयोग और मिलावट की संभावना के कारण किया गया है। नमूने संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों से एकत्र किए जाते हैं, जिससे व्यापक कवरेज और प्रतिनिधि परिणाम सुनिश्चित होते हैं【9†source】【12†source】।
डेयरी और मसालों पर विशेष ध्यान
हाल ही में एमडीएच और एवरस्ट जैसे लोकप्रिय ब्रांडों द्वारा मसालों में कार्सिनोजेनिक कीटनाशक एथिलीन ऑक्साइड का पता चलने जैसी विवादों के चलते, FSSAI ने इन उत्पादों का व्यापक परीक्षण आदेश दिया है। पूरे भारत में कई प्रयोगशालाओं में नमूनों का परीक्षण किया जाता है, जिसके परिणाम भविष्य की नियामक कार्रवाइयों का मार्गदर्शन करेंगे【13†source】।
प्रशिक्षण और (foodnavigator-asia.com) (The New Indian Express) राष्ट्रीय प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन किया है जिसका उद्देश्य संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से खाद्य सुरक्षा मानकों में सुधार करना है। यह केंद्र खाद्य व्यवसाय संचालकों, सुरक्षा अधिकारियों और अन्य हितधारकों को सर्वोत्तम प्रथाओं और खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए शिक्षित करेगा। इस पहल का उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर खाद्य सुरक्षा मानकों को बनाए रखने के लिए आवश्यक कौशल से कर्मियों को लैस करना है【9†source】【12†source】।
तकनीकी और लॉजिस्टिक समर्थन
FSSAI ने परीक्षण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए उन्नत तकनीकों और (ETV Bharat News)ल किया है। मोबाइल प्रयोगशालाएं और आधुनिक परीक्षण उपकरण मिलावटों का शीघ्र और सटीक पता लगाने में मदद करते हैं। इसके अतिरिक्त, एक ई-लर्निंग ऐप, FoSTaC (फूड सेफ्टी एंड सर्टिफिकेशन), लॉन्च किया गया है जो खाद्य सुरक्षा दिशानिर्देशों पर सुलभ प्रशिक्षण मॉड्यूल प्रदान करता है【12†source】【14†source】।
सरकारी और सार्वजनिक स्वास्थ्य लक्ष्य
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने खाद्य मिलावट के प्रति सरकार की जीरो-टॉलरेंस नीति पर जोर दिया, इसे व्यापक राष्ट्रीय स्वास्थ्य लक्ष्यों से जोड़ते हुए। यह पहल "स्वस्थ राष्ट्र" के व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है, जहां पौष्टिक और मिलावट रहित भोजन की उपलब्धता को सार्वजनिक स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण माना गया है【12†source】【13†source】।
दैनिक रिपोर्टिंग तंत्र
राज्य अधिकारियों को अब खाद्य सुरक्षा जांच पर दै (foodnavigator-asia.com) (The New Indian Express)ता है, जिससे वास्तविक समय में निगरानी और त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई संभव हो सके। यह प्रणाली एक मजबूत निगरानी नेटवर्क बनाने का लक्ष्य रखती है जो किसी भी खाद्य मिलावट की घटनाओं को शीघ्रता से संबोधित कर सके, इस प्रकार सार्वजनिक स्वास्थ्य को प्रभावी ढंग से सुरक्षित किया जा सके【9†source】【12†source】।
निष्कर्ष
FSSAI द्वारा खाद्य मिलावट पर तेज की गई कार्रवाई भारत में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रौद्योगिकी का उपयोग, प्रशिक्षण को बढ़ावा देना, और कड़े नियामक उपायों को लागू करके, FSSAI का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए एक सुरक्षित खाद्य वातावरण बनाना है। इस व्यापक रण (The New Indian Express) (Food Safety Helpline)कमी आने की उम्मीद है और खाद्य आपूर्ति श्रृंखला में उपभोक्ता विश्वास को बढ़ावा मिलेगा। (The New Indian Express) (foodnavigator-asia.com) (ETV Bharat News) (The New Indian Express)